Connect with us

मुख्यमंत्री ने संस्कृत छात्र प्रतिभा सम्मान कार्यक्रम में मेधावियों को किया सम्मानित…

उत्तराखंड

मुख्यमंत्री ने संस्कृत छात्र प्रतिभा सम्मान कार्यक्रम में मेधावियों को किया सम्मानित…

देहरादून 22 फरवरी । मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित संस्कृत छात्र प्रतिभा सम्मान कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने गार्गी बालिका संस्कृत छात्रवृत्ति तथा डॉ. भीमराव अंबेडकर अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति संस्कृत छात्रवृत्ति विद्यार्थियों को प्रदान की।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रतियोगी परीक्षा स्वाध्याय केंद्र एवं ई-संस्कृत संभाषण शिविर का वर्चुअल शुभारंभ किया तथा उत्तराखण्ड संस्कृत विश्वविद्यालय के त्रैमासिक पत्र ‘संस्कृत वार्ता’ का विमोचन भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की पहचान केवल ऊंचे पर्वतों और ऐतिहासिक मंदिरों से ही नहीं, बल्कि देववाणी संस्कृत से भी है। वेद, उपनिषद, रामायण, महाभारत, आयुर्वेद, खगोलशास्त्र, गणित और दर्शनशास्त्र जैसे ज्ञान-विज्ञान की जड़ें संस्कृत में निहित हैं। उन्होंने कहा कि संस्कृत अतीत की धरोहर ही नहीं, बल्कि भविष्य की संभावनाओं की भाषा भी है।

यह भी पढ़ें 👉  A Kingdom of Stars and Shadows | Download

मुख्यमंत्री ने पाणिनि की अष्टाध्यायी का उल्लेख करते हुए कहा कि संस्कृत का वैज्ञानिक व्याकरण आज भी विश्व के भाषाविदों के लिए शोध का विषय है। विश्व के अनेक प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में संस्कृत की वैज्ञानिकता पर अध्ययन किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन के लिए निरंतर कार्य हो रहा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में संस्कृत को आधुनिक और व्यवहारिक भाषा के रूप में स्थापित करने के प्रयास किए गए हैं। एआई के माध्यम से संस्कृत ग्रंथों को नए स्वरूप में प्रस्तुत किया जा रहा है और साहित्य को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराया जा रहा है।

यह भी पढ़ें 👉  Keeping 13 | (PDF, EPUB, eBooks)

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सदियों से संस्कृत अध्ययन और शोध का केंद्र रहा है। राज्य में संस्कृत को द्वितीय राजभाषा का दर्जा दिया गया है और पहली बार ‘गार्गी संस्कृत बालिका छात्रवृत्ति योजना’ शुरू की गई है। सभी जनपदों में आदर्श संस्कृत ग्रामों की स्थापना भी की गई है। संस्कृत शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य सरकार संस्कृत शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार कर रही है।

यह भी पढ़ें 👉  Meggyőző érvek : PDF könyvek letöltésre

संस्कृत विश्वविद्यालय में सुविधाओं का विस्तार किया गया है और प्रत्येक जनपद में एक संस्कृत ग्राम विकसित किया गया है। संस्कृत को बढ़ावा देने के लिए अलग तंत्र विकसित करने की दिशा में भी कार्य चल रहा है।

इस अवसर पर विधायक सविता कपूर, खजान दास, सचिव संस्कृत शिक्षा दीपक कुमार, कुलपति प्रो. रमाकांत पाण्डेय, निदेशक संस्कृत शिक्षा कंचन देवराड़ी सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

More in उत्तराखंड

उत्तराखंड

उत्तराखंड

ADVERTISEMENT VIDEO

Advertisement
Advertisement
Advertisement

ADVERTISEMENT

ट्रेंडिंग खबरें

उत्तराखंड

Sandık İçi – PDF Kitapları Keşfet

Advertisement
To Top