Connect with us

नि-क्षय शिविरों में 3715 की हुई जांच, 492 के हुए छाती के एक्सरे, 79 की हुई बलगम जांच…

उत्तराखंड

नि-क्षय शिविरों में 3715 की हुई जांच, 492 के हुए छाती के एक्सरे, 79 की हुई बलगम जांच…

रुद्रप्रयाग: क्षय रोग के खात्में के लिए स्वास्थ्य विभाग के तत्वावधान में गत 07 दिसंबर से शुरू हुए 100 दिवसीय नि-क्षय शिविर अभियान के तहत टीबी रोग को लेकर संवेदनशील आबादी में अब तक आयोजित 38 शिविरों में 3715 लोगों की जांच की गई। जिसमें से 492 का एक्स-रे किया गया, जबकि 79 के बलगम की जांच की गई।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा0 राम प्रकाश ने बताया कि टीबी रोग को लेकर संवदेनशील आबादी (पूर्व टीबी से पीड़ित मरीजों, टीबी रोगियों के घरेलू संपर्कजनों, 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के व्यक्तियों, कुपोषित, धूम्रपान करने वाले व्यक्ति मधुमेह से पीडित व्यक्तियों) वाले 38 स्थानों में नि-क्षय शिविरो का आयोजन किया गया।

यह भी पढ़ें 👉  साड़ी गौरव मैराथन का आयोजन, महिलाओं ने परंपरा और फिटनेस का दिया संदेश…

इन शिविरों में लक्षित आबादी के 3715 लोगों की जांच की गई, जिनमें से टीबी के पुराने 93 मरीज व उनके संपर्क वाले 295 लोगों की स्क्रीनिंग की गई। उन्होंने बताया कि स्क्रीनिंग किए गए लोगों में से 146 मधुमेह व 25 कुपोषण से पीड़ित, 641 धू्रमपान के आदी पाए गए। बताया कि स्क्रीनिंग में 60 वर्ष से अधिक उम्र के 2309 लोग शामिल थे। बताया कि अभियान के 38 शिविरों में 492 की एक्स-रे व 79 की बलगम जांच की गई।

यह भी पढ़ें 👉  एलपीजी गैस की कालाबाजारी पर सख्त एक्शन, अवैध संग्रहण व रिफिलिंग पर एजेंसी होगी सील; डीएम के निर्देश

उन्होंने बताया कि 24 मार्च तक चलने वाले इस अभियान के तहत टीबी रोगियों को खोजने के प्रयास तेज करते हुए टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत दी जा रही सेवाओं की पहुंच में और अधिक सुधार किया जा रहा है।

यह भी पढ़ें 👉  देहरादून में 5 किमी दौड़ को मुख्यमंत्री ने दिखाई हरी झंडी, सड़क सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश…

प्रत्येक आशा कार्यकत्री द्वारा टीबी रोग को लेकर संवेदनशील समूह की तैयार की सूची के आधार पर एनटीईपी व सामुदायिक स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा जांच की जा रही है। साथ ही हंस फाउंडेशन द्वारा संचालित 05 मोबाइल मेडिकल वैन, सी-19 हैंड हेल्ड एक्स-रे टीम के माध्यम से रेलवे व सड़क मार्ग सहित अन्य निर्माण साइट, हॉस्टल में भी यह अभियान चलाया जा रहा है।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

More in उत्तराखंड

उत्तराखंड

उत्तराखंड

ADVERTISEMENT VIDEO

Advertisement
Advertisement
Advertisement

ADVERTISEMENT

ट्रेंडिंग खबरें

Advertisement
To Top