Connect with us

लोक संस्कृति एवं कृषि विकास मेला में नेगी दा के गीतों की रही धूम…

उत्तराखंड

लोक संस्कृति एवं कृषि विकास मेला में नेगी दा के गीतों की रही धूम…

गैरसैंण / गौचर। लोक संस्कृति एवं कृषि विकास मेला मेहलचौरी का तीसरा दिन गढ़ गौरव लोक गायक नरेंद्र सिंह नेगी के नाम रहा। नगर वासियों ने उनके आगमन पर भव्य स्वागत किया। मुख्य बाजार में जहाँ हर ओर नेगी के गीतों की धीमा रही।वही सैकड़ों महिलाओं ने कलस यात्रा के साथ महान गायक की अगुवाई की। सड़क के दोनों ओर से की गई पुष्प वर्षा का अलौकिक दृश्य नजर आया।

शनिवार को मेले बतौर मुख्य अतिथि मौजूद उत्तराखंड विधान सभा अध्यक्ष ऋतु भूषण खंडूरी ने मेले की भव्यता को देखते हुए आयोजन समिति की सराहना करते हुए कहा कि यह मेला बहु उद्देश्यीय है, जिसमे ब्यापार, संस्कृति, शिक्षा धर्म सबको समान रूप स्थान दिया गया है। प्रदेस में महिलाओं की दशा पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से बहने शसक्त हो रही है।

यह भी पढ़ें 👉  Outdrawn : Download eBooks

घर की जिम्मेदारी के साथ साथ समाजिक कार्यो में भी बखूबी अपनी भूमिका सुनिश्चित कर रही हैं। महिलाओं को हुनरमंद बनने की अपील के साथ उन्होंने बताया कि बद्रीनाथ में 48 लाख का प्रसाद बिका जो महिला समूहों द्वारा बनाया गया था। कहा कि बदलते समाज मे महिलाओं की भूमिका बढ़ गई है। बच्चों को संस्कारवान बनाने में माता का अहम स्थान है, वर्तमान में युवा किस दिशा में जा रहा है इस पर नजर रखनी होगी।

यह भी पढ़ें 👉  De Sangue e Cinzas (Sangue e Cinzas, #1) | Leituras Grátis para Todos

इस मौके पर विधायक अनिल नोटियाल, मेला समिति अध्यक्ष सुरेश कुमार,पूर्व मंदिर समिति सदस्य अरुण मैठाणी, बार संघ अध्यक्ष कुँवर सिंह बिष्ट, जगमोहन कठैत, प्रेम संगेला, मोहन नेगी, मंगल सिंह, सुरेंद्र नेगी, जितेंद्र मेहरा, दर्शन मढवाल, अपर्णा रावत उपस्थित रहे।

“नेगी दा” की नसीहत, मंचों पर भी हो पहाड़ी भाषा का प्रयोग

गढ़ वंदना के साथ शुरू गढ़ गौरव के गीत सन्ध्या में “ठंडो रे ठंडो मेरा पहाड़ की हव्वा ठंडी ……. व द्वी गति बैसाख सुरमा…….” की प्रस्तुति पर मेलार्थी खूब थिरके।लोक गायिका पूनम सती की प्रस्तुति ” बधाण की नंदा भगवती . व नीलिमा ओ नीलिमा बल पाकी जालु केला……” पर श्रोता जम कर झूमे।

यह भी पढ़ें 👉  Il giorno della civetta - PDF Libri

इस बीच नेगी दा ने कार्यक्रम संचालको को मंच पर पहाड़ी भाषा के प्रयोग की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि पहाड़ी भाषा मात्र गीतों में प्रयुक्त किये जाने के लिए नहीं है।बल्कि बोल- चाल व लेखन -पठन में भी इस भाषा को स्थान दिए जाने की आवश्यकता है। इससे पूर्व गौचर हवाई पट्टी में विधानसभा अध्यक्ष रितु भूषण खंडूड़ी का भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा भव्य स्वागत किया गया।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

More in उत्तराखंड

उत्तराखंड

उत्तराखंड

ADVERTISEMENT VIDEO

Advertisement
Advertisement
Advertisement

ADVERTISEMENT

ट्रेंडिंग खबरें

उत्तराखंड

Sandık İçi – PDF Kitapları Keşfet

Advertisement
To Top