Connect with us

आपदा की स्थिति में तत्काल रिस्पांस सुनिश्चित करें : मदन कौशिक…

उत्तराखंड

आपदा की स्थिति में तत्काल रिस्पांस सुनिश्चित करें : मदन कौशिक…

 

देहरादून 11 मई। आगामी मानसून सीजन को देखते हुए उत्तराखंड सरकार ने आपदा प्रबंधन को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। सोमवार को उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूएसडीएमए) में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने सभी विभागों को 24 घंटे अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए।

मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में मानसून का समय बेहद संवेदनशील होता है और इसी दौरान चारधाम यात्रा भी चरम पर रहती है। ऐसे में किसी भी प्रकार की लापरवाही की गुंजाइश नहीं है। उन्होंने जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और सभी रेखीय विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने को कहा।

यह भी पढ़ें 👉  पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने मुख्यमंत्री धामी से की शिष्टाचार भेंट…

उन्होंने निर्देश दिए कि किसी भी आपदा की सूचना मिलते ही राहत और बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू करें। मंत्री ने कहा कि आपदा प्रबंधन में रिस्पांस टाइम सबसे अहम होता है, इसलिए सभी विभाग अपने रिस्पांस मैकेनिज्म को और अधिक प्रभावी बनाएं।

बैठक में मंत्री ने मानसून से पहले प्रदेशभर में नालों और नालियों की कम से कम दो बार सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे जलभराव और शहरी बाढ़ जैसी समस्याओं को काफी हद तक रोका जा सकेगा।

यह भी पढ़ें 👉  चिन्यालीसौड़ में मुख्यमंत्री ने विवाह समारोह में पहुंचकर दिया आशीर्वाद…

मंत्री ने हाई कैपेसिटी पंप, मोटर बोट, लाइफ जैकेट और अन्य रेस्क्यू उपकरण पूरी तरह कार्यशील स्थिति में रखने के निर्देश भी दिए। संवेदनशील क्षेत्रों में एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमों की पूर्व तैनाती करने को कहा गया।

स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए गए कि चारधाम यात्रा और आपदा संभावित क्षेत्रों में मेडिकल पोस्ट स्थापित किए जाएं। साथ ही जलजनित और संक्रामक रोगों को देखते हुए दवाइयों का पर्याप्त भंडारण रखा जाए।

बैठक में गर्भवती महिलाओं का पूर्व डेटा तैयार करने, पशुओं के उपचार और बचाव के लिए विशेष क्विक रिस्पांस टीम गठित करने तथा ट्रेकर्स की सुरक्षा के लिए एसओपी तैयार करने के निर्देश भी दिए गए।

यह भी पढ़ें 👉  डिप्लोमा इंजीनियर्स की हड़ताल के बीच सीएम धामी से वार्ता…

मंत्री ने कहा कि मानसून से पहले नदियों की ड्रेजिंग और चैनलाइजेशन हर हाल में पूरा किया जाए, ताकि बाढ़ और जलभराव की स्थिति से बचा जा सके। उन्होंने वन क्षेत्रों में भी डिसिल्टिंग कार्य तेज करने पर जोर दिया।

बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, पुलिस अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग, मौसम विभाग और यूएसडीएमए के अधिकारी मौजूद रहे।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

More in उत्तराखंड

उत्तराखंड

उत्तराखंड

ADVERTISEMENT VIDEO

Advertisement
Advertisement
Advertisement

ADVERTISEMENT

ट्रेंडिंग खबरें

Advertisement
To Top